नई दिल्ली/मॉस्को। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 31 अगस्त को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। SCO समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में आयोजित होना है। दोनों नेताओं की इस मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हैं।
15 दिन में दो बार आमने-सामने होंगे मोदी-पुतिन
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच करीब 15 दिनों के भीतर दो बार बातचीत होने की संभावना है। SCO समिट के बाद 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।
यूक्रेन और मिडिल ईस्ट समेत कई मुद्दों पर चर्चा संभव
बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के अलावा यूक्रेन संकट, मिडिल ईस्ट की स्थिति और अन्य अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक के विस्तृत एजेंडे को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पुतिन के सहयोगी ने बताया अहम बैठक
रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान नेताओं को द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि पुतिन की पीएम मोदी के साथ होने वाली बैठक महत्वपूर्ण होगी और दोनों नेता कई जरूरी विषयों पर चर्चा करेंगे।
उशाकोव ने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है और दोनों देश सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार करीबी संपर्क बनाए हुए हैं।
BRICS में भी बातचीत आगे बढ़ाने की तैयारी
रूसी पक्ष के अनुसार, SCO बैठक के बाद नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और पुतिन अपनी बातचीत को आगे बढ़ा सकते हैं। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में लगातार संपर्क बढ़ा है।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भी पुष्टि की है कि SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की द्विपक्षीय बैठक तय है। इससे दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।









