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तूफान के धरती से टकराते ही हो जाएगा टेक ब्लैक आउट

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नई दिल्ली। दो मई को लगभग आधे भारत में आए जानलेवा तूफान के एक बार फिर लौट कर आने की आशंकाओं के बीच एक और चिंता की खबर आ रही है। यदि इस खबर में सच्चाई है तो अगले 48 घंटों में पृथ्वी से सोलर स्टॉर्म (सौर तूफान)टकरा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूर्य में एक कोरोनल होल होगा, जिससे सूरज से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलेगी। इस ऊर्जा में कॉस्मिक किरणें भी होंगे, जो धरती पर टेक ब्लैकआउट कर सकते हैं। इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भी सोलर स्टॉर्म के पृथ्वी पहुंचने की पुष्टि की है। नासा ने एक तस्वीर भी जारी की है जिसमें गैस के तूफान को देखा समझा जा सकता है।
बताया जा रहा है कि तूफ़ान से धरती के सोलर डिस्क के लगभग आधे हिस्से को काटते हुए एक बड़ा सा छेद बनेगा, जिसके कारण सूर्य के वातावरण से पृथ्वी की ओर बेहद गर्म हवा का एक तूफान आएगा।
हालांकि, नेशनल ओशन ऐंड अटमॉस्फियर असोसिएशन का कहना है कि यह सोलर स्टॉर्म जी-1 कैटेगिरी का है। यानी कि यह तूफ़ान हल्का होगा, लेकिन इससे काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है।
बता दें कि सौर तूफान सूर्य की सतह पर आए क्षणिक बदलाव से उत्पन्न होते हैं। इन्हें पांच श्रेणी जी-1, जी-2, जी-3, जी-4 और जी-5 में बांटा गया है। इनमें जी-5 श्रेणी का तूफान सबसे खतरनाक असर हो सकता है।
जानकारों का कहना है कि जी-1 कैटिगरी में पावर ग्रिड पर सबसे अधिक असर होता है। प्रवासी पक्षियों पर भी गंभीर असर पड़ता है। इस आंधी का व्यापक असर यूएस और यूके में ज्यादा पडऩे की आशंका है।

क्या होता है टेक ब्लैकआउट
टेक ब्लैकआउट का मतलब है कि इससे सैटलाइट आधारित सेवाएं जैसे कि मोबाइल सिग्नल, केबल नेटवर्क, जीपीएस नैविगेशन आदि ठप पड़ जाएंगे। यानी तूफान के कारण धरती पर दूर संचार से संबंधित सभी उपकरण ठप हो जाएंगे।

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