देहरादून।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को अधिक सुगम, सुरक्षित और मतदाता-अनुकूल बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। पहली बार राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए मोबाइल डिपॉजिट (जमा) सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत मतदाता मतदान से पहले अपना मोबाइल सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे और मतदान के बाद वापस प्राप्त कर लेंगे।
निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार मतदान कक्ष के भीतर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित है। अब तक मतदाताओं को अपने मोबाइल की सुरक्षा के लिए स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती थी, जिससे कई बार असुविधा और विवाद की स्थिति उत्पन्न होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि उत्तराखंड में यह सुविधा पहली बार लागू की जा रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बीएलओ और चुनाव कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी
निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की है। अब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) का वार्षिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं बीएलओ सुपरवाइजर का मानदेय 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया है। इसके अलावा पोलिंग कर्मियों, मतगणना कर्मचारियों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और माइक्रो ऑब्जर्वरों के भत्तों में भी वृद्धि की गई है।
15 दिन में मिलेगा नया वोटर आईडी कार्ड
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची और पहचान पत्र से जुड़ी प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और तेज बनाने का निर्णय लिया है। अब मतदाता सूची में नाम अपडेट होने के बाद 15 दिनों के भीतर नया वोटर आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। इसकी पूरी जानकारी संबंधित मतदाता को एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
निर्वाचन आयोग का मानना है कि इन नई व्यवस्थाओं से आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव-2027 में मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और मतदाता हितैषी बनेगी।










