भारत मंडपम में जुटेंगे BRICS नेता, मध्य पूर्व संकट और वैश्विक चुनौतियों पर रहेगा फोकस
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 का रविवार को दूसरा दिन है। सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। सुबह करीब 10:55 बजे BRICS देशों के प्रमुख एक बार फिर भारत मंडपम पहुंचेंगे, जहां सामूहिक फोटो के बाद विभिन्न मुद्दों पर चर्चा का सिलसिला आगे बढ़ेगा।
सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को BRICS देशों के नेताओं ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जताई। बैठक में वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों ने अपनी राय रखी।
मध्य पूर्व के तनाव पर जताई चिंता
बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्र में जारी संघर्ष और हमलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हथियारबंद संघर्ष के दौरान परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और परमाणु सुरक्षा मानकों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के संदर्भ में उनके बयान को अप्रत्यक्ष आलोचना के तौर पर देखा गया। हालांकि, बैठक में किसी विशेष देश का नाम लेकर सीधा आरोप नहीं लगाया गया।
एकतरफा प्रतिबंधों पर BRICS का रुख
BRICS नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना लगाए जाने वाले एकतरफा प्रतिबंधों पर भी आपत्ति जताई। संयुक्त बयान में ऐसे कदमों को समाप्त करने की मांग की गई, जिनसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांत प्रभावित होते हैं।
यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब रूस समेत कई देशों को पश्चिमी देशों की ओर से विभिन्न आर्थिक और अन्य प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है।
विकासशील देशों की मजबूत भागीदारी पर जोर
बैठक में BRICS नेताओं ने वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समूह का कहना है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में विकासशील देशों की भूमिका और भागीदारी बढ़नी चाहिए।
BRICS की शुरुआत 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ हुई थी। दक्षिण अफ्रीका 2010 में समूह में शामिल हुआ। समय के साथ संगठन का विस्तार हुआ और अब इसमें 11 सदस्य देश शामिल हैं। समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में लगातार प्रभाव बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
आज द्विपक्षीय बैठकों पर नजर
सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठकों पर विशेष नजर रहेगी। इन मुलाकातों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
BRICS सम्मेलन के जरिए भारत विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की दिशा में अपनी भूमिका को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।









