ऋषिकेश-बदरीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग होंगे सीधे जुड़े, जाम से मिलेगी राहत और यात्रा होगी अधिक सुरक्षित
रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में रुद्रप्रयाग जनपद में एक महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए बनाई जा रही 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि इसके साथ निर्मित 200 मीटर लंबे पुल का निर्माण तेजी से अंतिम चरण में है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद पुल की गुणवत्ता, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों की तकनीकी जांच एवं ट्रायल किए जाएंगे। सभी परीक्षण सफल होने के बाद ही इसे यातायात के लिए खोला जाएगा।
![]()
उन्होंने बताया कि वर्तमान में रुद्रप्रयाग नगर से होकर गुजरने वाले वाहनों के कारण चारधाम यात्रा के दौरान अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सुरंग और पुल के शुरू होने के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी, यात्रा का समय कम होगा और नगर क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव भी काफी घट जाएगा।
जिलाधिकारी के अनुसार यह परियोजना केवल सड़क संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि चारधाम यात्रा की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलेगी और यात्रा प्रबंधन भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।
परियोजना पूरी होने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगी। साथ ही रुद्रप्रयाग नगर को जाम की समस्या से राहत मिलने के साथ स्थानीय नागरिकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना चारधाम यात्रा के लिए आधुनिक और सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।










