कोणार्क से 43 किमी दूर महानदी ऑफशोर बेसिन में ONGC की बड़ी खोज, आगे के आकलन से तय होगी व्यावसायिक क्षमता
भुवनेश्वर। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने ओडिशा तट के पास गहरे समुद्र में प्राकृतिक गैस की खोज की है। कंपनी के अनुसार यह खोज कोणार्क तट से करीब 43 किलोमीटर दूर महानदी ऑफशोर बेसिन में किए गए एक गहरे पानी के खोजी कुएं में हुई है। इसे ओडिशा के अपतटीय हाइड्रोकार्बन संसाधनों की तलाश में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को ONGC के खोजी कुएं MN-DW18-1-H-D में गैस की मौजूदगी का पता चला। यह केंद्र सरकार की ‘समुद्र मंथन’ अपतटीय अन्वेषण पहल के तहत महानदी बेसिन में ड्रिल किया गया पहला कुआं बताया गया है।
1,623 मीटर की गहराई तक की गई ड्रिलिंग
ONGC के मुताबिक कुएं को 1,623 मीटर की निर्धारित गहराई तक ड्रिल किया गया। इस दौरान 1,441 से 1,452 मीटर के अंतराल में गैस की मौजूदगी मिली। कंपनी के सूत्रों के अनुसार, भूमिगत संरचनाओं से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण और मूल्यांकन के बाद कुएं में परीक्षण किया गया।
कंपनी के अनुसार, कुएं में पिछले तीन दिनों से गैस का प्रवाह दर्ज किया गया है। हालांकि, ONGC ने अभी इस खोज से जुड़े वसूली योग्य भंडार की मात्रा या व्यावसायिक उत्पादन की पुष्टि नहीं की है।
‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत पहली ड्रिलिंग
महानदी ऑफशोर बेसिन में यह कुआं ONGC के गहरे पानी के खोज अभियान का हिस्सा है। इसकी खुदाई 25 जुलाई 2026 को शुरू की गई थी। कंपनी ने बताया कि यह खोज महानदी बेसिन में उसकी पूर्व की उत्कल और कोणार्क खोजों के आधार पर आगे बढ़ाए गए अन्वेषण अभियान का हिस्सा है।
कंपनी का कहना है कि इस खोज से महानदी ऑफशोर बेसिन की हाइड्रोकार्बन क्षमता को समझने के लिए अतिरिक्त आंकड़े उपलब्ध होंगे। आगे की जांच में गैस भंडार के आकार, गुणवत्ता और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
हरदीप पुरी ने बताया महत्वपूर्ण कदम
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ONGC ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत भारत के डीपवाटर और अल्ट्रा-डीपवाटर क्षेत्रों में अन्वेषण जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि नई खोज से घरेलू ऊर्जा संसाधनों की संभावनाओं को तलाशने में मदद मिलेगी।
आगे के मूल्यांकन पर टिकी उम्मीदें
महानदी ऑफशोर बेसिन ओडिशा तट के साथ अपतटीय तेल एवं गैस खोज के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हो रहा है। ONGC के अनुसार, आगे के मूल्यांकन से यह स्पष्ट होगा कि खोज में मौजूद गैस की मात्रा कितनी है और उसका व्यावसायिक दोहन किस स्तर तक संभव है।
कंपनी ने फिलहाल वाणिज्यिक उत्पादन या वसूली योग्य गैस भंडार की घोषणा नहीं की है। इसलिए इस खोज का वास्तविक आर्थिक महत्व विस्तृत मूल्यांकन और आगामी परीक्षणों के बाद ही स्पष्ट होगा।








