नई दिल्ली:
देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के अनुसार पेट्रोल ₹0.86 प्रति लीटर और डीजल ₹0.83 प्रति लीटर महंगा हो गया है।
ईंधन कीमतों में इस बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट नए स्तर पर पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और बाजार की कीमतों पर भी दिखाई देगा।
क्यों बढ़े ईंधन के दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव इसकी बड़ी वजह हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई चेन पर दबाव के कारण तेल कंपनियों की लागत बढ़ी है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी आयातित ईंधन को महंगा बना रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
आम आदमी की जेब पर असर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी लोगों के मासिक बजट पर बड़ा असर डालती है। रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वालों का खर्च बढ़ेगा, वहीं डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में भी इजाफा होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर फल-सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों ने संकेत दिए हैं कि यदि ईंधन कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो किराए और माल ढुलाई शुल्क भी बढ़ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कई यूजर्स इसे आम आदमी पर बढ़ता आर्थिक दबाव बता रहे हैं। महंगाई के बीच लगातार बढ़ते खर्च को लेकर लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी संभव है। फिलहाल लोगों की नजर सरकार और तेल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हुई है।










