यात्रियों की संख्या 1.21 करोड़ रही; इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 65%, एयर इंडिया ग्रुप बढ़कर 26.7% पर
नई दिल्ली। देश के घरेलू विमानन क्षेत्र में अगस्त 2026 के दौरान यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या सालाना आधार पर 6.34 प्रतिशत घटकर करीब 1.21 करोड़ रही। विमानन क्षेत्र में इस गिरावट के पीछे मानसून के साथ-साथ एयरलाइनों से जुड़ी परिचालन चुनौतियों को प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।
इंडिगो की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत हुई
DGCA के आंकड़ों के मुताबिक, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी जुलाई के 67.4 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 65 प्रतिशत रही। कंपनी ने अगस्त में करीब 78.87 लाख यात्रियों को हवाई सेवा दी।
स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी भी जुलाई के 1.6 प्रतिशत से घटकर 1.2 प्रतिशत रह गई। अगस्त में एयरलाइन से करीब 1.40 लाख यात्रियों ने सफर किया।
एयर इंडिया ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़ी
इसके विपरीत एयर इंडिया ग्रुप की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई में 24 प्रतिशत के मुकाबले अगस्त में यह बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई। इस दौरान एयर इंडिया ग्रुप की उड़ानों से करीब 32.32 लाख यात्रियों ने यात्रा की।
अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। एयरलाइन ने अगस्त में करीब 6.68 लाख यात्रियों को सेवाएं दीं।
समय पर उड़ान के मामले में इंडिगो आगे
अगस्त के दौरान उड़ानों के समय पर संचालन के आंकड़ों में इंडिगो का प्रदर्शन 91 प्रतिशत रहा। अकासा एयर की 90.5 प्रतिशत उड़ानें समय पर संचालित हुईं, जबकि एयर इंडिया ग्रुप का आंकड़ा 83.9 प्रतिशत रहा। एलायंस एयर की समयबद्धता 71.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
स्पाइसजेट के परिचालन पर नजर
स्पाइसजेट की उड़ानों में देरी और परिचालन से जुड़ी चुनौतियों के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की निगरानी भी बढ़ी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। DGCA को एयरलाइन की परिचालन और वित्तीय स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विमानन क्षेत्र में यात्रियों की संख्या में आई गिरावट के बीच एयरलाइनों की बाजार हिस्सेदारी और परिचालन प्रदर्शन में हुए बदलाव पर भी नजर बनी हुई है।










