पुलिस-एसडीआरएफ का सर्च अभियान जारी, मायके पक्ष ने जताई अनहोनी की आशंका
टिहरी गढ़वाल। प्रतापनगर क्षेत्र के जणगी गांव की रेशमा बिष्ट के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में 14 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रेशमा 6 अगस्त को अपने ससुराल से लापता हुई थी। पुलिस, एसडीआरएफ और ग्रामीण लगातार जंगल, नदी किनारे और टिहरी झील के आसपास उसकी तलाश कर रहे हैं। ड्रोन की मदद से भी संभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।
रेशमा की शादी करीब चार वर्ष पहले जणगी गांव निवासी नवीन बिष्ट से हुई थी। दोनों का ढाई साल का बेटा है। बताया गया कि नवीन करीब 28 महीने बाद विदेश से घर लौटे थे और उनके घर पहुंचने के चार दिन बाद ही रेशमा लापता हो गई।
खाना खाने के बाद घर से निकली थी रेशमा
पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त की दोपहर खाना खाने के बाद रेशमा घर से निकली थी। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन 7 अगस्त को पति नवीन बिष्ट ने लंबगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
तलाश के दौरान जणगी गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जलकुर नदी के किनारे एक चप्पल, चुनरी और दरांती मिली। इन वस्तुओं के मिलने के बाद नदी में गिरने की आशंका भी जताई गई, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
नदी और झील में भी चल रही तलाश
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास के जंगलों और संभावित स्थानों पर सर्च अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ की टीमें जलकुर नदी और टिहरी झील के आसपास खोजबीन कर रही हैं। संभावित क्षेत्रों में ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
ग्रामीण भी पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। महिलाओं की अलग-अलग टोलियां बनाकर जंगलों, नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों में कई घंटे तक तलाश की गई, लेकिन रेशमा का कोई पता नहीं चला।
मायके पक्ष ने उठाए सवाल
रेशमा के मायके पक्ष ने मामले में अनहोनी की आशंका जताते हुए गहन जांच की मांग की है। रेशमा के भाई विकास सिंह रावत का आरोप है कि उसकी बहन को ससुराल में पहले से परेशान किया जाता था। उन्होंने नदी किनारे मिले सामान की बरामदगी और उसके स्थान को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मायके पक्ष का कहना है कि रेशमा के लापता होने की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई। परिवार ने पुलिस से मामले की जांच दूसरे संभावित पहलुओं से भी करने और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल करने की मांग की है।
ससुर बोले- मासूम पोता मां का इंतजार कर रहा
रेशमा के ससुर ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार सदमे में है। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उनका कहना है कि परिवार की सबसे बड़ी चिंता ढाई साल का मासूम बच्चा है, जो लगातार अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहा है।
पुलिस ने कहा- सभी पहलुओं से जांच जारी
सीओ टिहरी चंद्रमोहन सिंह के अनुसार, रेशमा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है। जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस की टीमें सर्च कर रही हैं, जबकि झील क्षेत्र में एसडीआरएफ की मदद ली जा रही है। ड्रोन के माध्यम से भी संभावित स्थानों की निगरानी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल रेशमा के संबंध में कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला है। उसकी बरामदगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तलाश अभियान जारी रखे हुए है।








