श्रीनगर-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी के उपचारात्मक कार्यों का भी किया निरीक्षण, इंजीनियरों और श्रमिकों से की बातचीत
देवप्रयाग। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून लौटते समय देवप्रयाग के निकट सड़क मार्ग पर स्थित सुलभ शौचालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिशासी अधिकारी (ईओ) को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत भी दी।
मुख्यमंत्री ने शौचालय में साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। देवप्रयाग धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में यात्रियों को स्वच्छ और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित सार्वजनिक शौचालयों सहित जनसुविधाओं से जुड़े सभी स्थलों पर नियमित सफाई, उचित रखरखाव और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संचालन और स्वच्छता बनाए रखना भी आवश्यक है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी के उपचारात्मक कार्यों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी के उपचारात्मक कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की जानकारी संबंधित इंजीनियरों से ली। साथ ही कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना के बारे में भी चर्चा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात इंजीनियरों और श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने निर्माण कार्यों में आ रही चुनौतियों और कार्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा और आवागमन को सुगम बनाने में जुटे कर्मचारियों के योगदान की सराहना की।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कें आवागमन के साथ पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आवश्यक उपचारात्मक कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन किया जाए और नियमित निगरानी के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुधार के कार्य टिकाऊ और प्रभावी होने चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और तकनीकी दक्षता से ही विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाता है।
उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा, बेहतर जनसुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है। संबंधित अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी के साथ काम करने और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।










