नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक को दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में रक्षा सहयोग के साथ व्यापार, ऊर्जा, औद्योगिक सहयोग और अन्य आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान रूस के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है। संभावित Su-57 लड़ाकू विमान सौदे को लेकर भी चर्चा की अटकलें हैं। हालांकि, किसी समझौते की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक में भारत-रूस व्यापार को विस्तार देने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। दोनों देशों के बीच वर्ष 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा संभव है।
इसके अलावा औद्योगिक सहयोग के विस्तार, रेल क्षेत्र, सुरंग निर्माण और रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर भी नजर
भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंध बैठक का प्रमुख एजेंडा हो सकते हैं। इसके साथ ही ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत की उम्मीद है।
दोनों देश अपनी ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एवं द्विपक्षीय मंचों पर नियमित मुलाकातें भी हुई हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में जुटेंगे कई देशों के नेता
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों के नेता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई प्रमुख नेताओं के सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कहा है कि वैश्विक कल्याण की साझा भावना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होने की उम्मीद है। सम्मेलन के दौरान वैश्विक चुनौतियों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।










