अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण तहसील अंतर्गत खांकारी गूंठ गांव के तिमुरी तोक के स्कूली बच्चों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चे मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक से गांव तक सड़क निर्माण की मांग करते हुए अपनी दैनिक कठिनाइयों को साझा कर रहे हैं। बच्चों का कहना है कि उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए प्रतिदिन लगभग 14 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
वायरल वीडियो में बच्चों ने बताया कि वे हर सुबह लंबा पैदल सफर तय कर जूनियर हाईस्कूल खांकारी पहुंचते हैं और शाम तक घर लौटते-लौटते पूरी तरह थक जाते हैं। भारी स्कूल बैग के साथ दुर्गम रास्तों पर रोजाना आवाजाही के कारण उन्हें पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय और ऊर्जा नहीं मिल पाती। बच्चों ने सरकार से गांव तक सड़क निर्माण कर शिक्षा का रास्ता आसान बनाने की अपील की है।
तिमुरी तोक अब भी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल स्कूली बच्चों ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भी आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गांव के एक स्थानीय युवक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद यह मुद्दा व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि राज्य में विद्यालयों की दूरी निर्धारित मानकों के अनुरूप है और प्राथमिक विद्यालय अधिकतम दो किलोमीटर के दायरे में संचालित किए जाते हैं।
वहीं, अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने बताया कि तिमुरी गांव को सड़क से जोड़ने का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के तहत इस सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के लिए सर्वे भी पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण से संबंधित वन स्वीकृति की प्रक्रिया भी प्रगति पर है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ रही है, जबकि ग्रामीणों और बच्चों को अब जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है।










