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AI और आपत्तिजनक कंटेंट पर तब्बू सख्त, व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं

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बिना अनुमति नाम और छवि के इस्तेमाल पर रोक की मांग, 6 अगस्त को होगी सुनवाई

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की सुरक्षा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल कर सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनकी अनुमति के बिना प्रसारित किए जा रहे आपत्तिजनक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किए गए कंटेंट को हटाने की मांग की है। मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट 6 अगस्त को सुनवाई करेगा।

याचिका में कहा गया है कि अभिनेत्री के नाम, छवि और पहचान का बिना अनुमति उपयोग कर आपत्तिजनक सामग्री और एआई जनित कंटेंट इंटरनेट पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। तब्बू ने अदालत से ऐसे सभी कंटेंट को हटाने और भविष्य में बिना अनुमति उनके नाम एवं छवि के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ के समक्ष होगी। अदालत इस बात पर विचार करेगी कि अभिनेत्री के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए क्या अंतरिम राहत दी जा सकती है।

गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट इससे पहले भी कई चर्चित हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश जारी कर चुका है। अदालत ने विभिन्न मामलों में संबंधित व्यक्तियों के नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान का व्यावसायिक या भ्रामक उपयोग बिना अनुमति किए जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

इन हस्तियों में क्रिकेटर युवराज सिंह, गौतम गंभीर और सुनील गावस्कर, अभिनेता सलमान खान, अजय देवगन, अल्लू अर्जुन, मोहनलाल, अर्जुन कपूर, विवेक ओबेरॉय, नागार्जुन, काजोल, सोनाक्षी सिन्हा, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, जया बच्चन, निर्माता करण जौहर, योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, श्री श्री रविशंकर, कांग्रेस नेता शशि थरूर, सांसद रवि किशन, पत्रकार सुधीर चौधरी तथा आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में तब्बू की याचिका को भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी पहल माना जा रहा है।

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