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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में अकादमिक ब्लॉक एवं ऑडिटोरियम का किया उद्घाटन

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  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में अकादमिक ब्लॉक एवं ऑडिटोरियम का किया उद्घाटन
  • ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का शुभारंभ, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
  • राज्य का भविष्य उसकी सड़कों या इमारतों से नहीं, बल्कि विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के सपनों से तय होता है-मुख्यमंत्री
  • आने वाले समय में वही युवा आगे बढ़ेगा, जो सीखने की क्षमता, नवाचार की सोच और बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढालने का साहस रखेगा-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों का शुभारंभ भी किया। साथ ही संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं एवं ग्राफिक एरा कौशल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत निःशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को सम्मानित किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह अवसर विशेष महत्व का है, क्योंकि आज उत्तराखण्ड सरकार ने सेवा, सुशासन और विकास के पाँच वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं। उन्होंने कहा कि इन पाँच वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार तथा युवाओं के सशक्तीकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखण्ड को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाया कि सरकार भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का भविष्य उसकी सड़कों या इमारतों से नहीं, बल्कि उसके विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के सपनों से तय होता है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा ने शिक्षा, शोध, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने यह सिद्ध किया है कि यदि संकल्प, गुणवत्ता और दूरदृष्टि का समन्वय हो, तो उत्तराखण्ड जैसा पर्वतीय राज्य भी विश्वस्तरीय शिक्षा का केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में निर्मित नया अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को नई उड़ान देगा तथा शोध, नवाचार और रचनात्मक सोच को और अधिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा द्वारा भीमताल में परिसर की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुँचाना संतुलित एवं समावेशी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क होटल मैनेजमेंट एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि कुमाऊँ मंडल में ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुदृढ़ होंगी तथा युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को शिक्षा, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क तथा अल्मोड़ा में साइंस सेंटर जैसे संस्थानों के माध्यम से राज्य में वैज्ञानिक सोच एवं अनुसंधान की संस्कृति को भी सशक्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व तेजी से बदल रहा है और नई तकनीकें निरंतर नए अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही युवा सफल होगा, जो सीखने की क्षमता, नवाचार की सोच तथा बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढालने का साहस रखेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री प्राप्त करने तक स्वयं को सीमित न रखते हुए नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का युवा केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बने। इसी उद्देश्य से राज्य में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं की प्रतिभा किसी भी नकल माफिया की भेंट न चढ़े, इसके लिए उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और पिछले पाँच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्राप्त हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने के लिए कठिन परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि वही सफलता की मजबूत नींव बनती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संस्थान के विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक, चिकित्सक, अभियंता, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी एवं उत्कृष्ट नागरिक बनकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
इस अवसर पर धामी सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्राफिक एरा परिवार की ओर से केक भी काटा गया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, विधायक प्रताप सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) डॉ. अनिल कपूर डब्बू,  ध्रुव रौतेला,  शंकर कोरंगा, दिनेश आर्या,  शांति मेहरा,  हुकुम सिंह कुंवर, देवेन्द्र सिंह ढेला, ब्लॉक प्रमुख  हरीश बिष्ट, जिलाधिकारी  ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन प्रो. कमल घनशाला, निदेशक अनिल कुमार नायर, ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. ज़ेड. ए. वारसी,  प्रकाश आर्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

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