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बारिश से धूल से राहत, मौसम विभाग का अलर्ट

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देहरादून। देर रात से मौसम का मिजाज बदला और तेज हवा के साथ राजधानी दून सहित समूचे उत्तराखंड में झमाझाम बारिश हुई। इससे आसमान में जमी धूल के साथ उमस व गर्मी से राहत मिली। हवा के चलते दून में कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे, जिससे बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। वहीं, नदी-नाले उफान पर आ गए। ऋषिकेश क्षेत्र के शिवपुरी में हेंवल नदी के उफान से कई एडवेंचर कैंप जलमग्न हो गए। इन कैंपों को पहले ही खाली करा दिया गया था।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में बारिश के साथ देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, पौड़ी में 70 से 100 किलोमीटर की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी भी जारी की है।
बलूचिस्तान (पाकिस्तान) और राजस्थान से चल रही धूल भरी गर्म हवा से आसमान में डस्ट की परत जम गई। दूसरे दिन भी धूल की परत से दृश्यता कम रही, साथ ही उमस भी बढ़ी और लोग घुटन महसूस करते रहे। सांस लेने में भी थोड़ी दिक्कत रही।
मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में गढ़वाल के पौड़ी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली के साथ ही कुमाऊं के नैनीताल सहित कई स्थानों में गुरुवार शाम को हल्की बारिश हुई। वहीं, शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी है। वातावरण में छाई धूल की परत कुछ हद तक हटी, लेकिन अन्य जगहों पर धूल का गुबार बना हुआ था। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में तापमान अधिक और हवा का दबाव कम होने के कारण धूल की परत बनी है। तेज हवा और बारिश के बाद ही धूल से राहत मिलेगी।

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करने वाली 33केवी लाइन बुधवार रात बारिश के दौरान पेड़ गिरने से टूट गई थी। बुधवार रात से गुरुवार रात तक भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी थी। इससे धारचूला पहुंचे कैलास मानसरोवर यात्रियों को रात अंधेरे में बितानी पड़ी।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे के निकट शिवपुरी के निकट हेंवल नदी में देर रात उफान आ गया। जिससे नदी के किनारे बने कई एडवेंचर कैंपों में पानी भर गया। गनीमत रही कि पुलिस ने एहतियात बरतते हुए पहले ही सभी एडवेंचर कैंप खाली करा दिए थे। जबकि दो वाहनों की हेंवल नदी में बहने और कई वाहनों के नदी में फंसने की सूचना है। देर रात तक पुलिस रेस्क्यू में जुटी रही।
गुरुवार रात्रि करीब साढ़े आठ बजे क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो गई। एहतियात के तौर पर मुनिकीरेती पुलिस ने शिवपुरी में गंगा और हेंवल नदी के तटों पर बसे एडवेंचर कैंपों को खाली करा दिया। शुक्रवार को सभी कैंप फुल थे, कैंपों में हजारों लोग ठहरे हुए थे।
पुलिस की कार्रवाई को देखते हुए एक बार तो कैंप संचालकों और पर्यटकों ने विरोध भी किया। मगर मौसम का मिजाज देखकर अधिकांश कैंप समय रहते खाली हो गए थे। रात करीब नौ बजे पुलिस ने सभी कैंप खाली करा दिए। इसके बाद देखते ही देखते हेंवल नदी उफान पर आ गई। आसपास के सभी एडवेंचर कैंपों में पानी घुस गया।
नदी के बहाव में दो दुपहिया वाहनों के बहनें और कई चैपहिया वाहनों के फंसे होने की सूचना है। मुनिकीरेती थाने के प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी के मुताबिक 40 वाहन अभी टापू में फंसे हैं। वाहनों में कोई व्यक्ति नहीं थे। दो लोगों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला। टापू के दोनों ओर जलधारा तेज है।
इससे पहले रात्रि करीब साढ़े दस बजे तक पुलिस व एसडीआरएफ मौके पर नदी के बहाव में फंसे वाहनों को रेस्क्यू करने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने ढालवाला में तैनात एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया। पुलिस के मुताबिक लगातार हो रही बारिश से नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। अंधेरा होने के कारण पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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